ऊर्जा केंद्र
सप्त चक्र
मूलाधार से सहस्रार तक — हर चक्र का स्थान, तत्व, संतुलित व अवरुद्ध होने के लक्षण, और उसे संतुलित करने के व्यावहारिक उपाय।
मूलाधार चक्र
मूलाधार · रीढ़ की हड्डी का आधार
मूलाधार चक्र
मूलाधार · रीढ़ की हड्डी का आधार
जब यह चक्र संतुलित हो
- +शरीर में ताकत और स्थिरता
- +अच्छी प्रतिरोधक क्षमता (immunity)
- +ऊर्जा से भरपूर महसूस होना
- +मजबूत आत्मविश्वास
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –डर और असुरक्षा
- –चिंता (anxiety)
- –आर्थिक चिंता
शारीरिक प्रभाव
- –पैरों में कमजोरी
- –कमर दर्द
- –कब्ज
- –थकान और शरीर भारी लगना
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !बहुत ज्यादा गुस्सा
- !लालच
- !दूसरों पर हावी होने की प्रवृत्ति (domination)
- !जिद
संतुलित करने के उपाय
- ✦रोज़ नंगे पैर धरती पर चलना (Grounding)
- ✦सूर्य नमस्कार और योग
- ✦मूलाधार चक्र ध्यान
- ✦"LAM" मंत्र का जाप
- ✦घर और कार्यस्थल में सफाई व स्थिरता बनाए रखना
- ✦नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद
सहायक आहार
पैर · घुटने · हड्डियाँ · रीढ़ · बड़ी आंत · रक्त संचार
स्वाधिष्ठान चक्र
स्वाधिष्ठान · नाभि के नीचे
स्वाधिष्ठान चक्र
स्वाधिष्ठान · नाभि के नीचे
जब यह चक्र संतुलित हो
- +खुशी और रचनात्मकता
- +स्वस्थ भावनाएँ
- +अच्छे रिश्ते
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –अपराध बोध (guilt)
- –भावनात्मक पीड़ा और उदासी
- –रचनात्मकता में रुकावट
शारीरिक प्रभाव
- –कमर के निचले हिस्से में दर्द
- –मूत्र संबंधी समस्याएँ
- –कमजोरी और प्रजनन असंतुलन
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !अत्यधिक भावुकता
- !लत (addiction) की प्रवृत्ति
- !मूड में उतार-चढ़ाव
- !सुख-भोग में अधिक फँसना
संतुलित करने के उपाय
- ✦ध्यान और प्राणायाम
- ✦नृत्य, संगीत, पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियाँ
- ✦पानी के पास समय बिताना
- ✦सकारात्मक लोगों के साथ रहना
- ✦स्वाधिष्ठान चक्र ध्यान
- ✦"VAM" मंत्र का जाप
सहायक आहार
प्रजनन अंग · किडनी · मूत्राशय · निचला उदर (lower abdomen)
मणिपुर चक्र
मणिपुर · नाभि के ऊपर
मणिपुर चक्र
मणिपुर · नाभि के ऊपर
जब यह चक्र संतुलित हो
- +मजबूत आत्मविश्वास और प्रेरणा (motivation)
- +अच्छा पाचन
- +नेतृत्व की ऊर्जा
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –आत्मविश्वास की कमी
- –डर और उलझन (confusion)
- –निर्णय लेने में परेशानी
शारीरिक प्रभाव
- –गैस और एसिडिटी
- –पाचन खराब रहना
- –पेट भारी लगना
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !अहंकार (ego)
- !गुस्सा
- !दूसरों को नियंत्रित करने की आदत
- !अधीरता (impatience)
संतुलित करने के उपाय
- ✦सूर्य की रोशनी में समय बिताना
- ✦ध्यान और प्राणायाम
- ✦"RAM" मंत्र का जाप
- ✦आत्मविश्वास बढ़ाने वाले कार्य करना
- ✦नकारात्मक लोगों से दूरी बनाना
- ✦पेट और पाचन को स्वस्थ रखना
सहायक आहार
पेट · यकृत (liver) · अग्न्याशय (pancreas) · पाचन तंत्र
अनाहत चक्र
अनाहत · हृदय क्षेत्र (छाती के बीच)
अनाहत चक्र
अनाहत · हृदय क्षेत्र (छाती के बीच)
जब यह चक्र संतुलित हो
- +प्रेम और करुणा से भरा मन
- +भावनात्मक शांति
- +healing (उपचार) करने वाली ऊर्जा
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –अकेलापन
- –ईर्ष्या (jealousy)
- –दिल टूटने का असर, भरोसे की कमी
शारीरिक प्रभाव
- –सीने में भारीपन
- –सांस लेने में बेचैनी
- –ऊपरी पीठ में दर्द और थकान
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !जरूरत से ज्यादा भावुक होना
- !दूसरों के लिए खुद को भुला देना
- !जल्दी आहत (hurt) हो जाना
संतुलित करने के उपाय
- ✦अनाहत चक्र ध्यान
- ✦प्रकृति और पेड़-पौधों के बीच समय बिताना
- ✦क्षमा (forgiveness) का अभ्यास
- ✦"YAM" मंत्र का जाप
- ✦कृतज्ञता (gratitude) का अभ्यास
- ✦सकारात्मक रिश्तों में रहना
सहायक आहार
हृदय · फेफड़े · रक्त संचार · ऊपरी पीठ
विशुद्ध चक्र
विशुद्ध · कंठ (गला)
विशुद्ध चक्र
विशुद्ध · कंठ (गला)
जब यह चक्र संतुलित हो
- +स्पष्ट अभिव्यक्ति (clear communication)
- +आत्मविश्वास
- +सच बोलने की शक्ति
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –अपनी बात न कह पाना
- –डर
- –सामाजिक चिंता (social anxiety)
शारीरिक प्रभाव
- –गले में समस्या
- –थायरॉइड असंतुलन
- –गर्दन दर्द और कमजोर आवाज़
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !बहुत ज्यादा बोलना
- !कठोर शब्दों का प्रयोग
- !दूसरों की बात न सुनना
संतुलित करने के उपाय
- ✦मंत्र जाप और ध्यान
- ✦गायन (singing) या chanting
- ✦सच बोलने की आदत डालना
- ✦शांत वातावरण में समय बिताना
- ✦"HAM" मंत्र का जाप
- ✦पानी के पास ध्यान करना
सहायक आहार
गला · थायरॉइड · गर्दन · मुख
आज्ञा चक्र
आज्ञा · दोनों भौहों के मध्य
आज्ञा चक्र
आज्ञा · दोनों भौहों के मध्य
जब यह चक्र संतुलित हो
- +तीव्र अंतर्ज्ञान
- +स्पष्टता (clarity) और फोकस
- +गहन चिंतन की क्षमता
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –उलझन (confusion)
- –अत्यधिक सोच (overthinking)
- –ध्यान केंद्रित करने में कमी
शारीरिक प्रभाव
- –सिरदर्द
- –आंखों में तनाव
- –नींद की समस्या और मानसिक थकान
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !कल्पनाओं में खो जाना
- !वास्तविकता से disconnect महसूस होना
- !बहुत ज्यादा सोचना
संतुलित करने के उपाय
- ✦ध्यान (Meditation)
- ✦आज्ञा चक्र (Third Eye) ध्यान
- ✦शांत वातावरण में समय बिताना
- ✦स्क्रीन और शोर से दूरी बनाना
- ✦"OM" मंत्र का जाप
- ✦गहरी साँस लेने का अभ्यास
सहायक आहार
आंखें · मस्तिष्क · तंत्रिका तंत्र (nervous system)
सहस्रार चक्र
सहस्रार · सिर का ऊपरी भाग
सहस्रार चक्र
सहस्रार · सिर का ऊपरी भाग
जब यह चक्र संतुलित हो
- +आंतरिक शांति (inner peace)
- +आध्यात्मिक जागरूकता
- +सकारात्मक सोच और ज्ञान
जब यह चक्र अवरुद्ध हो
मानसिक प्रभाव
- –खालीपन (emptiness)
- –आध्यात्मिक उलझन
- –प्रेरणा (motivation) की कमी
शारीरिक प्रभाव
- –मानसिक थकान
- –ऊर्जा में कमी
- –सिर भारी लगना और disconnect महसूस होना
जब यह चक्र अत्यधिक सक्रिय हो
- !व्यावहारिक जीवन से दूरी
- !जरूरत से ज्यादा spirituality में डूबना
- !अकेलापन (isolation)
संतुलित करने के उपाय
- ✦ध्यान और मौन साधना
- ✦सहस्रार चक्र ध्यान
- ✦"OM" मंत्र का जाप
- ✦प्रकृति में समय बिताना
- ✦सकारात्मक आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़ना
- ✦नियमित प्राणायाम
सहायक आहार
मस्तिष्क · तंत्रिका तंत्र · पीनियल ग्रंथि (pineal gland)
जब एक साथ कई चक्र अवरुद्ध हों
सभी चक्रों को संतुलित रखने के दैनिक उपाय
- ✦ध्यान (Meditation)
- ✦प्राणायाम
- ✦मंत्र जाप
- ✦Grounding
- ✦योग
- ✦सात्विक भोजन, ताज़े फल व सब्जियाँ, पर्याप्त पानी
- ✦अच्छी नींद, सकारात्मक लोगों के साथ रहना, प्रकृति में समय बिताना, सूर्य की रोशनी लेना
अपने चक्रों की स्थिति जानना चाहते हैं?
व्यक्तिगत चक्र संतुलन परामर्श में जयपाल सिंह लांबा आपके सातों चक्रों की स्थिति समझकर विशेष उपाय सुझाते हैं।
